
पत्रकार अनिल मादसवार के खेत में बीज-खाद के गोदाम में छिपी मिली गोह, सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया
हिमायतनगर, संवाददाता| हिमायतनगर शहर से सटे पलसपूर रोड स्थित एक खेत में दुर्लभ घोरपड़ (गोह) मिलने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल मच गई। पत्रकार अनिल मादसवार के खेत में बने बीज-खाद के गोदाम में छिपी गोह दिखाई देने पर उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गोह का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
हाल ही में हुई बारिश के कारण खेतों के बिल भर जाने से कई सरीसृप सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों और गोदामों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी दौरान सोमवार सुबह गट क्रमांक 3 स्थित खेत में बुवाई की तैयारी के दौरान बीज-खाद निकालते समय गोदाम में एक दुर्लभ घोरपड़ दिखाई दी।

सूचना मिलते ही वनपाल ज्ञानेश्वर धोंडगे के मार्गदर्शन में वनमजदूर शेख अहमद और उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने बिना किसी नुकसान के अत्यंत सावधानी से घोरपड़ को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।
वन विभाग के अनुसार, यह घोरपड़ भूरे-काले रंग की धारियों वाली थी। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ फुट, चौड़ाई करीब तीन इंच तथा वजन लगभग 750 ग्राम से एक किलोग्राम के बीच था।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, घोरपड़ खेती के लिए लाभदायक वन्यजीव है। यह चूहों, कीटों और अन्य छोटे जीवों की संख्या नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

घोरपड़ के सफल रेस्क्यू के बाद स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
