
प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में नाराज़गी, पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग तेज
हिमायतनगर, एम. अनिलकुमार| हिंगोली, बुलढाणा और यवतमाल जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कायाधू नदी में आई बाढ़ का असर अब पैनगंगा नदी पर भी दिखाई दे रहा है। पैनगंगा नदी उफान पर है और गांजेगांव पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे विदर्भ और मराठवाड़ा के बीच का महत्वपूर्ण संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। मार्ग बंद होने से यातायात ठप है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पैनगंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण यवतमाल जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से नदी, पुल और निचले इलाकों में जाने से बचने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

गौरतलब है कि ढाणकी मार्ग पर स्थित गांजेगांव पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर वर्ष बारिश के दौरान पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण यह मार्ग बंद हो जाता है और लोगों को बोरी पुल के रास्ते 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
हिमायतनगर, पलसपुर, डोलारी, सिरपल्ली और आसपास के ग्रामीणों तथा किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए गांजेगांव पुल की ऊंचाई जल्द बढ़ाई जाए, ताकि हर वर्ष लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
