
फुटपाथ दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों की रोज़ी-रोटी पर संकट
हिमायतनगर, एम अनिलकुमार| हिमायतनगर नगर परिषद ने नागरिकों की लगातार मिल रही अतिक्रमण संबंधी शिकायतों के आधार पर सोमवार (3 अगस्त) को पुलिस बंदोबस्त के बीच शहर में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस कार्रवाई से शहर की मुख्य सड़कें अतिक्रमण मुक्त हो गईं और यातायात सुचारु हुआ, जिससे आम जनता में ख़ुशी का माहोल है, लेकिन इसका असर रेहड़ी-पटरी वालों, हाथगाड़ी संचालकों और छोटे व्यापारियों पर पड़ा, जिससे ऊनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
नगर परिषद ने लगभग छह महीने पहले व्यापारियों, फेरीवालों और हाथगाड़ी संचालकों को लाउडस्पीकर के माध्यम से अतिक्रमण स्वयं हटाने की अपील की थी। कुछ लोगों को नोटिस भी जारी किए गए थे। हालांकि, विधान परिषद चुनाव और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक चुनाव के कारण अभियान बीच में रोक दिया गया था।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को प्रशासन ने फिर से कार्रवाई शुरू की। उमर चौक से लेकर श्री परमेश्वर मंदिर रोड कमान, परमेश्वर मंदिर परिसर, पलसापुर कॉर्नर और चौपाटी तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए गए। इस दौरान कई हाथगाड़ियां, अस्थायी दुकानें और फेरीवालों के ठेले हटाए गए।
कार्रवाई के बाद फेरीवालों और हाथगाड़ी संचालकों ने नगर परिषद से पुनर्वास की मांग की। उनका कहना है कि वे अतिक्रमण का समर्थन नहीं करते, लेकिन बिना वैकल्पिक स्थान दिए उनकी दुकानें हटाना उचित नहीं है। उन्होंने नगर परिषद से अधिकृत वेंडिंग ज़ोन या नियोजित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। शहरवासियों का मानना है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक था, लेकिन गरीब और छोटे व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।

यह अभियान मुख्याधिकारी गौरव वांडेकर तथा पुलिस निरीक्षक केंद्रे के मार्गदर्शन में चलाया गया। इस दौरान कार्यालय अधीक्षक राहुल बोकारे, अभियंता नरेश काटकर, विठ्ठल शिंदे, ज्ञानेश्वर चिंते, बालाजी हार्डपकर, पुलिस उपनिरीक्षक शेख सहित नगर परिषद और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अभियान के बाद शहर की प्रमुख सड़कें अतिक्रमण मुक्त हो गईं, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
