
हिमायतनगर, संवाददाता| हिमायतनगर के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के एक सम्मानित व्यक्तित्व, रिटायर्ड आदर्श शिक्षक तथा उत्कृष्ट चित्रकला शिक्षक बाबूराव गोपालराव घुंगरे (75 वर्ष) का नांदेड़ में उपचार के दौरान वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है तथा शिक्षा, कला और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।
बाबूराव घुंगरे ने अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का अमूल्य पाठ पढ़ाया। चित्रकला के क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान थी। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आज उनके मार्गदर्शन में शिक्षित कई विद्यार्थी चित्रकला और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
सादगी, अनुशासन, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार ने उन्हें समाज में एक आदर्श शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित किया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूर्व विद्यार्थियों, सहकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके परिवार में पत्नी, तीन पुत्र, एक पुत्री, बहुएँ और नाती-पोते हैं। गोपाल घुंगरे, श्रीकांत घुंगरे एवं रवि घुंगरे उनके पुत्र हैं, स्वर्गीय बाबूराव घुंगरे का अंतिम संस्कार 20 जून 2026 को प्रातः 11 बजे हिमायतनगर स्थित हिंदू श्मशान भूमि, लकड़ोबा चौक में किया जाएगा।
