
किसानों और महावितरण को भारी नुकसान, घटिया कामों की जांच की मांग तेज
हिमायतनगर, एम अनिलकुमार| हिमायतनगर तालुका में रविवार शाम करीब 6 बजे आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। बोरगडी–धानोरा क्षेत्र में महावितरण की बिजली डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर) पूरी तरह गिर गई, जबकि खेतों में बने आखाड़ों (गोठों) के टीन शेड तेज हवाओं में उड़ गए। इसके अलावा सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ने से पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है।

मृग नक्षत्र शुरू हुए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन क्षेत्र में अब तक अच्छी बारिश नहीं होने से किसान पहले ही चिंता में हैं। पिछले कुछ दिनों से आसमान में बादल छा रहे हैं, लेकिन बारिश केवल नाममात्र की हो रही है। खरीफ फसल की तैयारी पूरी कर किसान बुवाई के लिए तैयार बैठे हैं, मगर बारिश लगातार आंख-मिचौली खेल रही है। ऐसे में रविवार को आई तेज आंधी ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

बोरगडी–धानोरा क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण महावितरण की डीपी पूरी तरह जमीन पर गिर गई, जिससे कई गांवों का बिजली आपूर्ति तंत्र प्रभावित हुआ। वहीं खेतों में बने टीन शेड उड़ जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से खेती और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के तालुका प्रमुख संजय काईतवाड ने मांग की है कि नुकसान का तत्काल पंचनामा कर किसानों को मुआवजा दिया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

इस बीच, तेज आंधी में डीपी के गिरने के बाद महावितरण के कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि विभाग द्वारा किए गए कार्य घटिया स्तर के हैं, जिसके चलते मामूली तूफान में ही डीपी धराशायी हो गई। तालुका में हुए बिजली संबंधी कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।
