अवर्षण से किसानों का बेहाल, सरकार कब जागेगी?—पूर्व सांसद सुभाष वानखेड़े का सवाल
बलीराजा मुहाने पर खड़ा है; सरकार चुप्पी साधे है !
सूखे ने तोड़ी किसानों की कमर !
संपूर्ण कर्जमाफी, प्रति एकड़ कम से कम ₹50 हजार सहायता की मांग !
वरना तहसील पर होगा बड़ा किसान मोर्चा !
हिमायतनगर, एम अनिलकुमार | विगत माह से बारिश ने मुंह मोड़ लिया है और हिमायतनगर तहसील में किसान भीषण सूखे की मार झेल रहे हैं। खेतों में खड़ी तूर, कपास, सोयाबीन, मूंग, उड़द, हल्दी और गन्ने की फसलें आंखों के सामने सूख रही हैं। किसान आर्थिक संकट में फंस चुका है, लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। “किसान मौत के मुहाने पर खड़ा है, आखिर सरकार कब जागेगी?” यह सीधा सवाल पूर्व सांसद सुभाषराव वानखेड़े ने हिमायतनगर तहसील कार्यालय पर आयोजित किसान आंदोलन के दौरान उठाया।
पक्षीय राजनीति को किनारे रखते हुए तहसील के हजारों किसान एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे। किसानों ने हिमायतनगर तहसील को ...
