
हिमायतनगर के स्वास्थ्य शिविर में हजारों की भीड़
410 मरीज आगे के उपचार के लिए चयनित
विधायक कोहलीकर ने की सामूहिक विवाह की घोषणा
हिमायतनगर, एम अनिलकुमार| दुष्काल ने किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे समय में हिमायतनगर में रविवार को आयोजित स्वास्थ्य शिविर हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत लेकर आया। लेकिन इस शिविर की खास बात केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रही, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की सामाजिक जिम्मेदारी उठाने की दिशा में भी एक बड़ी पहल की घोषणा की गई।
विधायक बाबूराव कदम कोहलीकर की पहल तथा आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल, सावंगी (मेघे) के संयुक्त तत्वावधान में श्री परमेश्वर मंदिर परिसर में सर्वरोग निदान एवं उपचार शिविर आयोजित किया गया। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक शिविर में पहुंचे।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों की जांच कर मरीजों को चिकित्सकीय सलाह, प्राथमिक उपचार और आगे के उपचार के संबंध में मार्गदर्शन दिया। शिविर में हजारों मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 410 मरीजों को आगे के उपचार के लिए चयनित किया गया है।

410 मरीजों के आगे के इलाज की भी व्यवस्था – जांच के दौरान गंभीर बीमारी से पीड़ित पाए गए 410 मरीजों को आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल, सावंगी (मेघे) में आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए 7, 9 और 13 अक्टूबर को श्री परमेश्वर मंदिर परिसर से विशेष एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। इससे स्वास्थ्य शिविर केवल जांच तक सीमित न रहकर जरूरतमंद मरीजों को आगे के उपचार तक पहुंचाने वाली पहल भी बन गया है।

अब 100 से अधिक जोड़ों के घर बसाने की तैयारी – स्वास्थ्य शिविर के दौरान विधायक बाबूराव कदम कोहलीकर ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। दुष्काल से प्रभावित किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों के 100 से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह आगामी दिनों में आयोजित किया जाएगा, ऐसी जानकारी उन्होंने दी।
दुष्काल के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों के लिए बेटा-बेटी की शादी का खर्च उठाना बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक आधार देने के उद्देश्य से सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवा से सामाजिक सरोकार तक – शिविर को ग्रामीण नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। डॉक्टरों की टीम, चिकित्सा कर्मचारियों, शिवसेना पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

एक तरफ हजारों मरीजों की जांच, 410 मरीजों के आगे के उपचार की व्यवस्था और दूसरी तरफ 100 से अधिक जोड़ों के सामूहिक विवाह की घोषणा—हिमायतनगर का यह आयोजन स्वास्थ्य सेवा के साथ सामाजिक सरोकार की पहल के रूप में भी सामने आया।
