
फसल नुकसान और कर्ज के संकट की चर्चा; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हिमायतनगर, एम. अनिलकुमार| हिमायतनगर तहसील के सोनारी शिवार में एक 40 वर्षीय किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की दुखद घटना सामने आई है। मृत किसान की पहचान अशोकराव उत्तमराव जाधव के रूप में हुई है। उनके पीछे पत्नी, चार बेटियां, एक बेटा तथा माता-पिता सहित परिवार है।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष खरीफ सीजन में फसलों को हुए नुकसान के कारण किसान आर्थिक संकट में फंस गए थे। इसके साथ ही बढ़ते कर्ज और परिवार का भरण-पोषण कैसे किया जाए, इस चिंता के चलते अशोकराव जाधव ने यह कदम उठाया, ऐसी जानकारी परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा दी जा रही है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस घटना से सोनारी सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। फसल नुकसान, कर्ज का बढ़ता बोझ और परिवार के भविष्य की चिंता से जूझ रहे किसान परिवारों को तत्काल राहत देने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
इसी बीच किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन जारी है। “किसान जिंदा रहना चाहिए और उसका परिवार बचना चाहिए” की भूमिका अनशनकर्ताओं की ओर से रखी गई है। सोनारी की घटना के बाद शासन-प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर नुकसानग्रस्त किसानों को तत्काल आर्थिक राहत दे, ऐसी मांग की जा रही है।
किसानों की आत्महत्याएं रोकने के लिए कर्ज, फसल नुकसान, सिंचाई, कृषि उपज के उचित बाजार भाव और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर ठोस उपाय किए जाने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।
किसानों को तत्काल राहत देने की मांग
शासन को सूखाग्रस्त किसानों की समस्याओं पर तत्काल ठोस निर्णय लेना चाहिए। किसानों को आर्थिक सहायता, कर्जमाफी तथा अन्य आवश्यक रियायतें देकर उनके संकट का बोझ कम किया जाए, ताकि किसान आत्महत्याओं की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें, ऐसी मांग अनशनकर्ता वामनराव पाटील वडगावकर ने की है।
अशोकराव जाधव के निधन से उनके परिवार पर बड़ा संकट आ गया है। इस दुखद घटना पर क्षेत्र के नागरिकों ने शोक व्यक्त करते हुए जाधव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
